चीफ़ एडिटर – रहमान मलिक
बिजनौर। जनपद बिजनौर के धामपुर में मेडिकल स्टोर पर काम करने वाले मुकुल और शायमा के बीच दो साल से प्रेम संबंध थे। मुकुल ने इस बारे में अपने परिजनों को बताया तो वे राजी नहीं हुए। इसके बाद मुकुल ने मुस्लिम धर्म ग्रहण कर शायमा के साथ निकाह कर लिया। मुसलमान बन जाओगे, तभी शादी होगी। यह शर्त शायमा और उसके मां-बाप ने मुकुल के सामने रख दी थी। अब मुकुल के परिवार वालों को बिना बताए ही मदरसे में उसको कलमा पढ़वाते हुए धर्म परिवर्तन कराया गया। कलमा पढ़ लेने के बाद मोहब्बत में पागल मुकुल ने ‘निकाह कबूल है’ बोल दिया।धामपुर में ही एक मेडिकल स्टोर पर मुकुल काम करता है। करीब दो साल पहले उसके प्रेम संबंध शायमा से हो गए। पुलिस के अनुसार शायमा ने शादी करने के लिए मुकुल को राजी कर लिया। इसके बाद मुकुल ने अपने परिवार वालों को इसकी जानकारी दी। उसने परिवार वालों को बता दिया था कि शायमा से शादी करने के लिए उसे मुसलमान बनने के लिए कहा जा रहा है। इस पर परिजनों ने इंकार कर दिया।उधर, शायमा अपने माता पिता के साथ मिलकर मुकुल को बलमा बनाने की पूरी पटकथा लिख चुकी थी। इसी योजना के अनुसार शनिवार की देर शाम एक मदरसे में मुकुल को कलमा पढ़वाया गया। इसके बाद निकाह की रस्म अदा की गई। निकाह हो जाने के बाद मुकुल के परिवार वालों को पता लगा।सीओ धामपुर सर्वम सिंह ने बताया कि धर्म परिवर्तन के मामले में दो महीना पहले प्रशासन को सूचना देनी होती है। इसके बाद प्रशासन की कमेटी यह जांच करती है कि धर्म परिवर्तन के लिए कोई लालच आदि तो नहीं दिया गया। अब मुकुल के धर्म परिवर्तन के मामले में कोई सूचना प्रशासन को नहीं दी गई थी।इस मामले का पता लगने पर युवा हिंदू वाहिनी के मंडल प्रभारी डॉक्टर एनपी सिंह कार्यकर्ताओं के साथ रविवार को कोतवाल से मिले। उन्होंने धर्म परिवर्तन कर जबरन निकाह कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उनके साथ उदित जैन, इंजीनियर अनिल पाल आदि शामिल रहे।पिता जसवंत सिंह का कहना है कि उनके सात बच्चे हैं। इनमें तीन पुत्री और चार पुत्र हैं। मुकुल सबसे बड़ा पुत्र है। धर्म परिवर्तन के बाद उसके नाम को बदल कर माहिर अंसारी कर दिया गया है।